एक PAN India जनगणना 2027 जागरूकता पहल

Let Every Jain Count

जनगणना 2027 में हर जैन की सही गिनती हो

जैन जनगणना के लिए एक पहल — भारत के हर जैन परिवार को राष्ट्रीय जनगणना 2027 में सही रूप में गिने जाने के लिए जागरूक करना।

यह क्यों मायने रखता है

जनगणना ही धर्म के आधार पर जनसंख्या का एकमात्र आधिकारिक आँकड़ा है

जब सरकारी रिकार्ड में हमारी सही गिनती होगी तभी हमारी संख्या, हमारी आवाज़ और हमारा प्रतिनिधत्व सुरक्षित रहेगा।

Let Every Jain Count (LEJC) एक जागरूकता पहल है जिसका एक ही उद्देश्य है: यह सुनिश्चित करना कि भारत की राष्ट्रीय जनगणना 2027 में हर जैन की सही गिनती हो। एक भी जैन परिवार गिनती से छूटे नहीं।

हमारी पहचान क्यों मायने रखती है

हर जैन की गिनती ज़रूरी क्यों:

हमारा इतिहास प्राचीन है, हमारा योगदान असाधारण — और अब हमारी सही पहचान दर्ज होने का समय है। जनगणना 2027 इसी का अवसर है।

विरासत · Heritage

इतिहास

‘भारत’ नाम पहले तीर्थंकर ऋषभदेव के पुत्र सम्राट भरत से आया है। हमारी जड़ें इस सभ्यता की नींव तक जाती हैं।

दर्शन · Darshan

दर्शन

अनेकांतवाद, अहिंसा और अपरिग्रह केवल मान्यताएँ नहीं; ये 21वीं सदी के सबसे प्रासंगिक सिद्धांतों में से हैं।

गौरव · Gaurav

गौरव

94.88% साक्षरता (जनगणना 2011) के साथ जैन समुदाय भारत का सबसे शिक्षित समुदाय है और राष्ट्र में अपने अनुपात से कहीं अधिक योगदान देता है।

आधुनिक · Modern

पहचान

जनगणना के आँकड़े नीति, कल्याण और यहाँ तक कि AI की हमारी समझ को भी आकार देते हैं। सही गिनती रिकॉर्ड में स्थायी सुधार है।

पीड़ा · Plight

संरक्षण

अदालतों और सरकार में संख्या ही संरक्षण की भाषा है, हमारे तीर्थों, संस्थाओं और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए।

जनगणना 2027

जैन जनगणना 2027 के लिए जागरूकता फैलाएं

जनगणना 2027: सोलह वर्ष के बाद भारत में जनगणना होने जा रही है। यह वह अवसर है जब हर जैन परिवार की सही गिनती सुनिश्चित हो सकती है।

Let Every Jain Count की मुहिम को अपने शहर, संघ और समाज में आगे बढ़ाएँ, ताकि कोई भी जैन परिवार गिनती से छूट न जाए।

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आपको क्या करना है

पूर्ण पहचान के लिए दो कदम

पहली बार, हर भारतीय अपना जनगणना फॉर्म स्वयं भर सकता है। हर जैन परिवार को ठीक यही करना है।

1 अप्रैल से सितंबर 2026

चरण 1 पूरा करें: मकान सूचीकरण

This phase asks about your home. There is no religion question yet — religion is recorded later, in Phase 2 — but Phase 1 is the gateway. Without Phase 1, Phase 2 will not find you.

  • ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म के माध्यम से अपने परिवार का विवरण भरें।
  • आपको एक SEID नंबर मिलेगा; उसे सुरक्षित रखें।
  • प्रमाणन के लिए जनगणना प्रगणक आएगा। अपनी स्व-गणना पहचान संख्या (SEID) उनके साथ साझा करें।
  • फेज 1 में आपकी गिनती हो गई। अब फेज 2 के लिए तैयार रहें।
2 फरवरी 2027

धर्म के कॉलम में लिखें: JAIN

यह ऐतिहासिक क्षण है। पहली बार आप अपना फॉर्म खुद भरेंगे और धर्म के कॉलम में अपना धर्म स्वयं लिखेंगे: स्पष्ट, आत्मविश्वास से और बिना झिझक।

  • धर्म के कॉलम में लिखें: JAIN (जैन)।
  • Digambar, Shwetambar, Sthanakvasi, Terapanth, Srimad Raj Chandra, Songarh, Taranpanth and more: all are one identity, JAIN.
  • उपनाम या गोत्र बदलने की आवश्यकता नहीं।
  • Ensure Phase 1 is complete; a household that is not listed may be missed.
ये भ्रम तोड़ें

“हमारे क्षेत्र में सर्वे तो हो चुका।” वह कोई अलग सर्वे था, जनगणना नहीं।

“मैंने स्व-गणना फॉर्म भर दिया, बस हो गया।” प्रगणक द्वारा प्रमाणन भी आवश्यक है।

“सरकारी आँकड़े अपने आप सही होंगे।” जनगणना एक मानवीय प्रक्रिया है, जिसमें गिनती छूटना ज्ञात समस्या है।

“मेरा संप्रदाय बाकी जैनों से अलग है।” जनगणना में सभी जैन संप्रदायों की एक ही पहचान है: JAIN।

अभियान से जुड़ें

आज ही जुड़ें

अगर हम आज जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमारी पहचान के अधूरे रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ेंगी।

Let Every Jain Count एक जागरूकता पहल है जिसका एक ही मिशन है, यह सुनिश्चित करना कि राष्ट्रीय जनगणना 2027 में हर जैन की सही गिनती हो

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027, स्व-गणना, और हर जैन की सही गिनती कैसे हो।

जनगणना 2027 क्या है?

जनगणना 2027 भारत की अगली राष्ट्रीय जनगणना है, जो दो चरणों में होगी: मकान सूचीकरण (House Listing), उसके बाद जनसंख्या गणना (Population Enumeration)। यह दस वर्ष में एक बार होने वाली गिनती है जो तय करती है कि जैनों सहित हर समुदाय आधिकारिक आँकड़ों में कैसे दर्ज होता है।

जनगणना 2027 के दो चरण कौन से हैं?

चरण 1 मकान सूचीकरण (House Listing) है (अप्रैल से सितंबर 2026), जिसमें घर की स्थिति, सुविधाएँ और संपत्ति शामिल हैं। चरण 2 जनसंख्या गणना (Population Enumeration) है (फरवरी 2027), जिसमें धर्म सहित जनसांख्यिकीय और व्यक्तिगत विवरण दर्ज होते हैं।

जनगणना 2027 कब होगी?

चरण 1 (मकान सूचीकरण) 1 अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक अलग-अलग राज्यों में चलेगा। चरण 2 (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में निर्धारित है। संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है (बर्फ़ से ढके क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026)।

चरण 1 में क्या होता है?

चरण 1 में आधिकारिक राजपत्र द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्न हैं, जिनमें घर की संरचना, उपयोग, परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, परिवार का मुखिया, सुविधाएँ, संपत्ति और मोबाइल नंबर शामिल हैं। चरण 1 में धर्म का प्रश्न नहीं होता; वह चरण 2 में आता है।

चरण 2 में कौन-सी जानकारी ली जाती है?

चरण 2 (जनसंख्या गणना) में हर व्यक्ति के जनसांख्यिकीय विवरण, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, प्रवास और प्रजनन संबंधी आँकड़े लिए जाते हैं। यही वह चरण है जिसमें धर्म दर्ज होता है। सटीक तिथियाँ और प्रश्न यथासमय अधिसूचित किए जाएँगे।

जनगणना 2027 इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

तीन कारण। एक, जनगणना दस वर्ष में एक बार होती है; अगला अवसर लगभग 2037 में होगा। दो, चरण 2 में धर्म दर्ज होता है, और वह एक प्रविष्टि एक दशक तक नीति और योजना में समुदाय की पहचान को आकार देती है। तीन, पहली बार स्व-गणना उपलब्ध है, इसलिए हर परिवार सीधे भाग ले सकता है।

स्व-गणना (SE) क्या है?

स्व-गणना में आप आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर और OTP से अपने परिवार की जानकारी स्वयं भर सकते हैं। जमा करने पर आपको एक SEID (स्व-गणना आईडी) मिलती है। फिर भी प्रमाणन के लिए प्रगणक आपके घर आएगा; स्व-गणना तैयारी है, पूर्णता नहीं।

जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना कैसे करें?

आधिकारिक SE पोर्टल पर जाएँ, अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, मानचित्र पर अपना स्थान पहचानें, परिवार का विवरण भरें और जमा करें। फिर आपको एक स्व-गणना आईडी (SEID) मिलती है। प्रगणक के दौरे के समय वह SEID उन्हें दें ताकि आपका डेटा पुष्ट होकर जनगणना में शामिल हो जाए।

SEID क्या है?

जब आप जनगणना ऐप या SE पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी भरते हैं, तो आपको एक स्व-गणना आईडी (SEID) मिलती है। इसे सुरक्षित रखें। जब जनगणना अधिकारी आपके घर आएँ, तो उन्हें यह SEID दें ताकि वे आपके भरे विवरण को प्रमाणित कर चरण 1 में दर्ज कर सकें।

स्व-गणना के बाद भी अधिकारी क्यों आते हैं?

क्योंकि स्व-गणना तैयारी है; अंतिम पुष्टि प्रगणक के प्रमाणन से होती है। SEID मिल जाना यह नहीं दर्शाता कि प्रक्रिया पूरी हो गई। प्रगणक का दौरा अनिवार्य है, चाहे स्व-गणना की गई हो या नहीं।

क्या जनगणना 2027 का डेटा सुरक्षित है?

हाँ। जनगणना डेटा जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र और संरक्षित किया जाता है। मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल दोनों के लिए आवश्यक डेटा-सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

क्या जनगणना फॉर्म में “जैन” का विकल्प है?

हाँ। जैन जनगणना के परिवार शेड्यूल में एक अलग धर्म श्रेणी के रूप में सूचीबद्ध है और पिछली जनगणनाओं में अलग से दर्ज किया गया है। यदि आप जैन हैं, तो सही प्रविष्टि बस यही है: धर्म, जैन।

जनगणना के दौरान सबसे ज़रूरी बात क्या है?

यदि आप जैन हैं, तो चरण 2 में पूछे जाने पर अपने परिवार के हर सदस्य के लिए स्पष्ट रूप से “धर्म: जैन” लिखवाएँ। वही एक स्पष्ट उत्तर इस अभियान का मूल है।

अगर मैं जैन हूँ, तो आसानी के लिए हिंदू क्यों न लिख दूँ?

नहीं। जनगणना में जैन का अपना आधिकारिक विकल्प है। जैन होते हुए हिंदू लिखना आपके परिवार को चुपचाप जैन गिनती से हटा देता है। हमारे मंदिर, त्योहार और परंपराएँ जैन हैं, और फॉर्म इसका सम्मान अपनी अलग श्रेणी से करता है। आप किसी से असहमत हुए बिना इसे गर्व से धारण कर सकते हैं।

क्या मुझे उपनाम या गोत्र बदलना होगा?

बिल्कुल नहीं। उपनाम, गोत्र या पारिवारिक पहचान बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। जनगणना धर्म को परिवार के बताए अनुसार दर्ज करती है, उपनाम के आधार पर नहीं। यह एक आम भ्रम है।

कई जैनों के उपनाम जैन नहीं होते। क्या इससे गिनती में भ्रम होता है?

कई जैन परिवार ऐसे उपनाम रखते हैं जो कई समुदायों में आम हैं, और यह पीढ़ियों से ऐसा है। जनगणना धर्म को परिवार के बताए अनुसार दर्ज करती है, उपनाम के आधार पर नहीं। सबसे ज़रूरी कदम है पूछे जाने पर स्पष्ट रूप से “धर्म: जैन” कहना।

क्या दिगंबर और श्वेतांबर को कुछ अलग करना चाहिए?

नहीं। जैन परंपरा के सभी पंथों में, दिगंबर, श्वेतांबर, मूर्तिपूजक, स्थानकवासी, तेरापंथ और अन्य, जनगणना प्रविष्टि एक ही है: धर्म, जैन। अभियान हर जैन संप्रदाय को समान मानता है।

क्या जैन लिखने से कोई हानि या लाभ की क्षति होगी?

नहीं। जनगणना सांख्यिकीय गिनती है, लाभ-आवंटन की प्रक्रिया नहीं। आप जो लिखते हैं उससे मौजूदा कानूनी स्थिति, योजनाएँ और पहचान दस्तावेज़ नहीं बदलते। जैन दशकों से एक अलग धर्म श्रेणी के रूप में गिने जाते रहे हैं।

क्या मैं कानूनी रूप से जनगणना के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए बाध्य हूँ?

जनगणना अधिनियम के तहत, जनगणना अधिकारी सरकारी निर्देशों के अनुसार प्रश्न पूछ सकता है, और आप अपनी जानकारी व विश्वास के अनुसार उत्तर देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं।

क्या जनगणना डेटा गोपनीय है?

हाँ। जनगणना अधिनियम कहता है कि जनगणना रिकॉर्ड और शेड्यूल निरीक्षण के लिए खुले नहीं हैं और सिविल कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं हैं, सिवाय कानून द्वारा निर्दिष्ट सीमित मामलों के।

छोटे समुदाय के लिए सही गिनती क्यों मायने रखती है?

जब आँकड़े अस्पष्ट होते हैं तो छोटे समुदाय सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। आधिकारिक गिनती में उपस्थिति यह तय करती है कि वर्षों तक नीति और योजना में समुदाय की संस्थाओं, धरोहर स्थलों और परंपराओं को कैसे पहचाना जाता है। जनसंख्या में छोटा हिस्सा होना ही वह कारण है कि सही गिनती और अधिक मायने रखती है, कम नहीं।

हमारा सर्वे तो हो चुका, BLO आए थे। क्या वही जनगणना थी?

हर सर्वे जनगणना नहीं होता। BLO का दौरा, राज्य सर्वे या जाति सर्वे अलग प्रक्रियाएँ हैं। जनगणना गिनती तभी मान्य है जब आधिकारिक जनगणना अवधि के दौरान कोई आधिकारिक जनगणना प्रतिनिधि परिवार की प्रक्रिया पूरी करे और आवश्यक सत्यापन हो। प्रगणक का दौरा अनिवार्य है, चाहे स्व-गणना की गई हो या नहीं।

इस अभियान के लिए एक व्यक्ति क्या कर सकता है?

अपने घर की सही गिनती सुनिश्चित करें, अपने नज़दीकी परिवार को तैयार करें, और अपने दायरे में जागरूकता फैलाएँ। आपको कुछ बड़ा करने की ज़रूरत नहीं; घर-दर-घर सही गिनती सुनिश्चित करना ही वह कड़ी बनाता है।

“4 परिवार कॉल” क्या है?

हर जैन के चार नाना-दादा पक्ष के परिवार होते हैं: दादा का पिता-पक्ष, दादा का माता-पक्ष, नाना का पिता-पक्ष और नाना का माता-पक्ष। 4 परिवार कॉल एक सरल मिशन है, चारों तक पहुँचें और सुनिश्चित करें कि हर परिवार जनगणना 2027 के लिए तैयार है। यह सीमित, करने योग्य, और एक व्यक्ति के लिए सबसे प्रभावशाली कार्यों में से एक है।

मेरे पास सप्ताह में केवल एक घंटा है। मैं क्या कर सकता हूँ?

एक घंटा काफ़ी है। आप अभियान संदेश अपने चार परिवार-शाखाओं को भेज सकते हैं, हेल्पलाइन 92898-11008 अपने WhatsApp समूहों में साझा कर सकते हैं, या किसी मंदिर ट्रस्टी को छोटे स्व-गणना शिविर का सुझाव देने के लिए फ़ोन कर सकते हैं। निरंतर छोटे कार्य जुड़कर बड़ा असर बनाते हैं।

मंदिर स्व-गणना शिविर क्या है?

मंदिर SE शिविर आपके स्थानीय मंदिर, उपाश्रय या सोसायटी में एक घंटे का आयोजन है जहाँ 5 से 10 परिवार सहायता के साथ मिलकर स्व-गणना करते हैं। एक छोटा शिविर आमतौर पर एक ही बैठक में 10 से 50 परिवारों की सही गिनती करा देता है।

संत या मुनि श्री कैसे मदद कर सकते हैं?

संत और मुनि श्री सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में से एक निभाते हैं, प्रवचन में एक-दो पंक्तियों से हज़ारों श्रद्धालुओं तक पहुँचकर जागरूकता कई गुना बढ़ती है। एक संत किट उपलब्ध है जिसमें सत्यापित, पंथ-निरपेक्ष बातें हैं ताकि हर संप्रदाय के संत जनगणना 2027 पर स्पष्टता से बोल सकें। 92898-11008 पर संपर्क करें।

समुदाय की महिलाएँ कैसे मदद कर सकती हैं?

महिलाएँ अक्सर परिवारों और चारों शाखाओं के बीच सबसे मज़बूत कड़ी होती हैं। एक माँ, बहन या बेटी द्वारा चार परिवार-शाखाओं को एक बार फ़ोन करना किसी भी अन्य कार्य से अधिक घरों तक पहुँचता है। मंदिरों की महिला मंडल SE जागरूकता शिविर के लिए सबसे प्रभावी स्थानों में से हैं।

मैं स्वयंसेवक (जैन जनगणना साथी) कैसे बनूँ?

आधिकारिक LEJC साइट पर अपना नाम, फ़ोन नंबर और क्षेत्र दर्ज करें। एक साथी सत्यापित जागरूकता फैलाता है, परिवारों को तैयार करने में मदद करता है, स्व-गणना में सहायता करता है और लोगों को स्पष्ट रूप से “धर्म: जैन” लिखवाने की याद दिलाता है। मदद के लिए विशेषज्ञ होना ज़रूरी नहीं।

मैं LEJC पर भरोसा क्यों करूँ?

LEJC एक स्वतंत्र, ग़ैर-राजनीतिक नागरिक जागरूकता पहल है। यह व्यक्तिगत डेटा एकत्र नहीं करती, किसी की ओर से जनगणना जमा नहीं करती, और पैसे नहीं माँगती। वास्तविक जनगणना आधिकारिक सरकारी पोर्टल और प्रगणकों के माध्यम से होती है; LEJC की एकमात्र भूमिका जागरूकता है।

क्या यह कोई घोटाला या चंदा है?

नहीं। अभियान समय और जागरूकता पर ज़ोर देता है, पैसे पर नहीं। यदि कोई LEJC के नाम से दान या भुगतान माँगे, तो कृपया उत्तर देने से पहले आधिकारिक हेल्पलाइन 92898-11008 या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें।

अभियान की हेल्पलाइन नंबर क्या है?

अभियान की हेल्पलाइन 92898-11008 है। आप किसी भी फ़ोन से नि:शुल्क मिस्ड कॉल दे सकते हैं, और सिस्टम आपको आपके क्षेत्र की सही जानकारी के साथ WhatsApp पर वापस जोड़ देगा। इस नंबर को अपने परिवार और मंदिर समूहों में व्यापक रूप से साझा करें।